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Delhi दिल्ली। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को भारतीय वायुसेना (IAF) के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। राष्ट्रपति ने अंबाला एयरबेस से उड़ान भरते हुए राफेल के लीड एयरक्राफ्ट के रियर कॉकपिट में स्थान लिया, जबकि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी ट्रेल एयरक्राफ्ट के रियर कॉकपिट में थे। इस ऐतिहासिक उड़ान को भारतीय वायुसेना ने “एक गौरवपूर्ण क्षण” बताया। भारतीय वायुसेना की ओर से जारी बयान में कहा गया, “राष्ट्रपति और सर्वोच्च कमांडर ऑफ द आर्म्ड फोर्सेज श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने आज अंबाला वायुसेना स्टेशन से राफेल विमान में उड़ान भरकर देश की रक्षाबलों के साथ एकता और विश्वास का संदेश दिया।
राष्ट्रपति की यह उड़ान करीब 30 मिनट तक चली, जिसमें उन्होंने 2,000 फीट से लेकर 10,000 फीट तक की ऊंचाई पर उड़ान का अनुभव किया। यह उड़ान भारतीय वायुसेना के 17 स्क्वाड्रन “गोल्डन एरोज़” के साथ संचालित की गई — वही स्क्वाड्रन जो 2020 में फ्रांस से आए राफेल विमानों को पहली बार भारत लाया था। राष्ट्रपति मुर्मू के उड़ान भरने से पहले वायुसेना प्रमुख ने उन्हें राफेल विमान की तकनीकी क्षमताओं, कॉकपिट सिस्टम और सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। राष्ट्रपति ने उड़ान के बाद कहा, “यह भारतीय वायुसेना की अद्भुत दक्षता और देश की रक्षा क्षमता का प्रतीक है। राफेल में उड़ान भरना मेरे लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है। राफेल विमान भारतीय वायुसेना की सबसे अत्याधुनिक लड़ाकू क्षमताओं में से एक है। यह विमान मल्टीरोल फाइटर जेट है, जो एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड दोनों मिशनों को एक साथ अंजाम दे सकता है। इसकी मैच-2 स्पीड, Meteor मिसाइल सिस्टम और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट इसे दुनिया के सबसे शक्तिशाली फाइटर विमानों की श्रेणी में शामिल करते हैं।
राष्ट्रपति द्वारा राफेल उड़ान भरना केवल एक औपचारिक प्रतीक नहीं, बल्कि यह भारतीय रक्षा तंत्र के प्रति उच्चतम स्तर पर संस्थागत विश्वास और प्रेरणा का संदेश भी है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू से पहले देश के केवल कुछ ही राष्ट्र प्रमुखों ने ऐसे अवसरों पर सैन्य विमानों में उड़ान भरी है। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और रमनाथ कोविंद ने भी भारतीय वायुसेना के विमान में उड़ान भरी थी, लेकिन यह पहली बार है जब किसी महिला राष्ट्रपति ने राफेल जैसे सुपरसोनिक जेट में उड़ान भरी है। इस मौके पर एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा, “राष्ट्रपति की यह उड़ान वायुसेना के लिए सम्मान और प्रेरणा का क्षण है। यह हमारे वायु योद्धाओं के लिए एक प्रतीकात्मक समर्थन का संदेश देती है। इस ऐतिहासिक घटना के साथ भारत ने एक बार फिर दिखाया कि उसकी रक्षा शक्ति, तकनीकी प्रगति और महिला नेतृत्व अब विश्व मंच पर नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।
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